पैप स्मीयर परीक्षण

पैप स्मीयर परीक्षण

पैप स्मीयर एक साधारण टेस्ट है जिसमें ग्रीवा से कोशिकाओं के एक छोटे से सैम्पल को लिया जाता है|यह टेस्ट बच्चेदानी के मुख का कैंसर के कैंसर पूर्व और कैंसर की स्थिति का पता लगाने में मदद करता है। यह विधि बच्चेदानी के मुख के संक्रमण का पता लगाने में भी सहायक है।

पैप स्मीयर परीक्षण किन महिलाओं को कराना चाहिये?
अन्तर्राष्ट्रीय दिशानिर्देश के अनुसार युवतियाँ और महिलाएँ जो 21 वर्ष या अधिक आयु की हैं, पैप स्मीयर टेस्ट करवा सकती हैं| अगर आपकी आयु 30 वर्ष या उससे अधिक है तो आपको 65 वर्ष की आयु होने तक हर तीसरे वर्ष यह जाँच करवानी चाहिए| यदि इस जाँच को एच.पी.वी टेस्ट के साथ करवाया जाता है, तो दोबारा जाँच को पाँच साल बाद करवाया जा सकता है|
महिलाएं जिन्हें नियमित पैप परीक्षण की आवश्यकता नहीं है?
 21 वर्ष से कम आयु की युवतियाँ और 65 वर्ष से ऊपर की महिलाएं
 महिलायें जिनका गर्भाशय कैंसर के अलावा किसी अन्य बीमारी की वजह से निकाल दिया गया हो।

पैप परीक्षण करने का सही समय क्या है?
सही परिणामों के लिये पैप परीक्षण मासिक धर्म के पहले 10 से 20 दिनों के बीच करवाना चाहिये।
परीक्षण के दौरान महिला को मासिक स्त्राव नहीं होना चाहिए।
पैप टेस्ट की तैयारी
आपको पैप टेस्ट से 48 घंटे पूर्व निम्न कार्यों से बचना चाहिए:

 संभोग
 योनि को खँगालना
 योनि में कोई दवा डालना या लगाना|
 योनि गर्भ निरोधक जैसे क्रीम/जैली का उपयोग करना|

कार्यविधि
इस टेस्ट में एक औजार (स्पेकुलम) को योनिमार्ग में डालकर बच्चेदानी का मुंह देखा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान महिला को थोड़ी सी असुविधा या ऐंठन हो सकती है, परन्तु आमतौर पर इसमें दर्द नहीं होता। एक छोटी सी लकड़ी (स्पैचुअला) के द्वारा बच्चेदानी के मुख का कैंसर के निचले भाग की सतह से कोशिकाएं (सेल्स) ली जाती हैं। इन सेल्स को कांच की स्लाइड पर फैलाया जाता है, जिसे एल्कोहल
(फिक्सेटीव) में डालकर आगे के परीक्षण हेतु लैब में भेजा जाता है।

पैप जांच परिणाम
पैप जांच परिणाम की रिपोर्ट सामान्य या असामान्य आती है।
 सामान्य पैप रिपोर्ट
यदि पैप जांच का परिणाम सामान्य आता है तो इसका मतलब जांच में कैंसर के काई लक्षण नहीं है।
 असामान्य पैप रिपोर्ट

यदि पैप परीक्षण असामान्य है तो इसका यह मतलब नहीं है कि आपको कैंसर ही है। यदि पैप परीक्षण के परिणाम स्पष्ट नहीं है तो आपके चिकित्सक पैप परीक्षण तुरंत, 6 सप्ताह, 6 माह, 1 वर्ष बाद दोहरा सकते हैं, या कुछ अन्य जाँच जैसे कि एच.पी.वी. जाँच भी करवा सकते हैं| कुछ असामान्य कोशिकाओं को बच्चेदानी के मुख का कैंसर के कैंसर में बदलने से रोका जा सकता है। यदि पैप परीक्षण असामान्य
है तो इसके आगे के उपचार में विषय में आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। उपचार अक्सर बाह्य रोगी विभाग (ओ.पी.डी.) में किया जाता है। यदि परीक्षण के दौरान बच्चेदानी के मुख का कैंसर की कोशिकाओं में अधिक गंभीर परिवर्तन पाये जाते है तो चिकित्सक कुछ उन्नत परीक्षणों का भी सुझाव दे सकते हैं। इन परीक्षण परिणामों से आपके चिकित्सक को उचित उपचार करने के फैसले में
मदद मिलेगी। कुछ निम्नलिखित दस्त से कैंसर पूर्व लक्षणों की पुष्टि की जाती है:

दूरबीन की जांच (कोल्पोस्कोपी): इस प्रक्रिया में एक यंत्र द्वारा योनिमार्ग और बच्चेदानी के मुख में होने वाले परिवर्तन या बदलाव का पता लगाया जाता है।

टुकड़े की जांच (बायोप्सी): इस विधि में बच्चेदानी के मुख से छोटा सा टुकड़ा लिया जाता है लैब में कैंसर के परिवर्तन देखे जाते है। यह प्रक्रिया बाह्य रोगी विभाग (ओ.पी.डी.) में ही सम्पन्न की जाती है|

एसिटिक एसिड द्वारा निरीक्षण (वी आई ऐ)
योनी का एसिटिक एसिड द्वारा निरीक्षण (वी आई ऐ) बच्चेदानी के निचले भाग के कैंसर, और घावों की
जाँच के लिए एक आसान तरीका है जिसमें 5% एसिटिक एसिड का उपयोग होता है| इस जाँच का
नतीजा उसी वक्त मिल जाता है|