नोएडा में ब्रेस्ट कैंसर के मामले सबसे ज्यादा : NICPR

नोएडा में ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में आई रिसर्च में एनसीआर ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में देश में पहले नंबर पर है। इससे पहले बेंगलुरू देश में नंबर वन था। रिपोर्ट के मुताबिक एनसीआर में दिल्ली के अलावा नोएडा में ब्रेस्ट कैंसर के मामले सबसे ज्यादा हैं।

महिलाओं में 27 फीसदी होता है ब्रेस्ट कैंसर

सेक्टर-39 स्थित नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (एनआईसीपीआर) के डायरेक्टर प्रो. रवि महरोत्रा ने बताया कि एनसीआर में महिलाओं में बढ़ता वर्किंग कल्चर, शादी में देरी, बच्चों की प्राथमिकता कम होना और बच्चों को बहुत कम समय तक ब्रेस्ट फीडिंग कराना इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही हैं।

वहीं कैंसर अवेयरनेस कैंपेन आई केन विन से जुड़े ब्रेस्ट कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. पवन गुप्ता ने बताया कि देशभर में महिलाओं में होने वाले सभी प्रकार के कैंसर में 27 पर्सेंट ब्रेस्ट कैंसर के मामले होते हैं जो शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा होते हैं।

नोएडा में निशुल्क जांच की सुविधा

सेक्टर-39 स्थित एनआईसीपीआर में हरेक शुक्रवार को ब्रेस्ट कैंसर के मामलों की निशुल्क जांच कराई जा सकती है। दोपहर 2 से 4 बजे तक यह सुविधा मिल रही है। साथ ही यहां जांच में ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि होने पर दिल्ली स्थित एम्स में इलाज के लिए भी बिना लाइन में लगे इलाज कराने का प्रावधान किया गया है।

केस स्टडी

महंगा है कैंसर का इलाज

मुझे करीब एक साल पहले यूट्रस वॉल में कैंसर की पुष्टि हुई। नोएडा में जांच कराने के बाद जब दिल्ली स्थित एम्स में इलाज के लिए गई तो बताया कि आपका ऑपरेशन करना पड़ेगा और करीब 8 महीने बाद नंबर आएगा। वहीं डॉक्टरों का कहना था 8 महीने में यह बहुत खतरनाक स्टेज पर जा सकता है। मेरे पास प्राइवेट अस्पताल में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। जेपी हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराया। करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए। इसके बाद रेडियोथेरेपी और अन्य इलाज में अब तक करीब 7-8 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।

-किरण, उम्र-61, सेक्टर-93ए

कैंपेन बहुत पर नहीं मिलती मदद

मुझे अभी सेकंड स्टेज का ब्रेस्ट कैंसर है। नोएडा में कैंसर का इलाज बहुत महंगा है। दिल्ली जाओ तो एम्स में नंबर नहीं आता। कैंसर इंस्टिट्यूट में आधे टेस्ट बाहर से कराने पड़ते हैं। पिछले दो साल में अब तक 8-10 लाख रुपये इलाज पर खर्च हो चुके हैं। जागरूकता के लिए कैंपेन तो बहुत चल रहे हैं लेकिन इलाज में कैंसर मरीजों को कोई मदद नहीं मिलती। -रेणू अग्रवाल, सेक्टर-48

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *