एनआईसीपीआर में शुरू हुई नैशनल टोबैको टेस्टिंग लैब

अगले 3 महीने में होने लगेगी तंबाकू निर्मित उत्पादों की जांच

सेक्टर-39 स्थित नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (एनआईसीपीआर) में देश की तीसरी और सबसे बड़ी टोबैको टेस्टिंग लैब शुरू हो गई है। इस लैब में तंबाकू निर्मित उत्पादों की जांच कर बताया जाएगा कि उनमें किस प्रकार की तंबाकू है और उत्पाद में उसकी  मात्रा कितनी है। इस जांच के आधार पर देश में तंबाकू उत्पादों से पसर रहे कैंसर के खिलाफ प्रभावी तरीके से अभियान चलाया जा सकेगा।

एनआईसीपीआर के डायरेक्टर डॉ़ रवि मेहरोत्रा ने बताया कि देश में गुवाहाटी और मुंबई में भी टोबैको टेस्टिंग लैब हैं। हालांकि नोएडा की लैब सबसे बड़ी है और इसे नैशनल लैब का दर्जा दिया गया है। इन तीनों लैब में करीब 30 कर्मचारी काम करेंगे। उनके लिए एनआईसीपीआर में ट्रेनिंग वर्कशॉप शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि दुनियाभर में इस वक्त 6 हजार तरह की तंबाकू प्रचलन में है। दुनिया में होने वाले कुल कैंसर में 40 फीसदी कैंसर मुंह, गले और गुर्दे का होता है। इन जगहों पर कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण तंबाकू निर्मित उत्पादों का सेवन होता है। यदि पहले स्टेज में तंबाकू निर्मित कैंसर पकड़ में आ जाता है तो उसका इलाज संभव हो जाता है। उस स्टेज के बाद इलाज बेहद मुश्किल हो जाता है।

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