मोटापा

मोटापा

यह माना जाता है कि वज़न होना या रजोनिवृति के बाद मोटा होना कैंसर के खतरे को बढ़ाता है | रजोनिवृति के पूर्व आपके अण्डकोश द्वारा ज़यादतर एस्ट्रोजन नामक हार्मोन बनाया जाता है और इसका आंशिक भाग वसा उतको द्वारा बनाया जाता है |रजोनिवृति के पश्चात यह एस्ट्रोजन ज़यादतर वसा उतको द्वारा बनाया जाता है| इसी कारण वश, अधिक चर्बी का होना स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ाता है |इसके अतिरिक्त, अधिक वज़न होने से रक्त में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है जिसे कई कैंसरो से जोड़ा गया है और उनमे स्तन कैंसर भी शामिल है |

वजन और स्तन कैंसर के बीज की कड़ी जटिल है क्योकि कैंसर होने का खतरा उन महिलाओ को ज्यादा होता है जो वयस्क होने के बाद अधिक वज़न का शिकार हुई ना कि उन महिलाओं को जो बचपन से मोटी हैं | यह शरीर में वसा वितरण पर भी निर्भर करता है | जैसे की कमर पर अधिक चर्बी होना कैंसर के खतरे को बनता है जबकि कूल्हों और जाँघो पर इसका कोई प्रभाव नहीं होता |